भारतवर्ष के आजादी की बात हो और अमर वीर जवान शहीद मंगल पांडे की चर्चा ना हो ऐसा संभव नहीं । शहीद मंगल पांडे भारत की पहली स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत थे । उनके द्वारा छेड़ी गई क्रांति की ज्वाला से अंग्रेजी शासन बुरी तरह हिल गया था । लेकिन अंग्रेजों ने इस क्रांति को दबा दिया पर मंगल पांडे की कुर्बानी ने देश के लोगों में जो क्रांति के बीज बोए उसने अंग्रेजी हुकुमत को सौ साल के भीतर ही हिंदुस्तान से उखाड़ फेका । शहीद मंगल पांडे ईस्ट इंडिया कंपनी के 34वीं बंगाल Native Infantry में एक सिपाही थे । सन 1857 की क्रांति के समय शहीद मंगल पांडे ने एक ऐसे विद्रोह को जन्म दिया जो जंगल में आग की तरह पूरे हिंदुस्तान में फैल गया । और यह क्रांति लगातार आगे बढ़ती गयी । अंग्रेजी शासन ने उन्हें गद्दार घोषित कर दिया , हिंदुस्तान को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने के लिए ,सही मायने में पहली लड़ाई उन्होंने ही छेड़ी थी। शहीद मंगल पांडे के बलिदान को ये देश कभी नहीं भूला सकता है। प्रारंभिक जीवन मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी 1831 को उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के नगवा गाँव में हुआ था । इनके पिता का नाम दिवाकर...
As you know more, you grow more